रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार
दिनांक:- 13- 07-2026
पटना, 13 जुलाई। बिहार सरकार कृषि रोड मैप (2023-28) के तहत राज्य के कृषि उपज बाजार प्रांगणों का व्यापक आधुनिकीकरण कर रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 22 कृषि बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं समुचित विकास पर लगभग ₹1288.66 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से 8 बाजार प्रांगणों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। मंत्री ने कहा कि आधुनिक बाजारों में वैज्ञानिक भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही आधुनिक गोदाम, प्रशासनिक भवन, किसान विश्राम गृह, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, आंतरिक सड़कें, इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली और प्रकाश व्यवस्था जैसी आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में नाबार्ड सहायता से 12 बाजार प्रांगणों के विकास के लिए ₹46.03 करोड़ तथा 9 अन्य बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण के लिए ₹59.23 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, बिचौलियों की भूमिका कम करना तथा किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना है। कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार के मखाना, मक्का, धान, गेहूं, फल एवं सब्जियों सहित अन्य कृषि उत्पादों की देश-विदेश में बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक कृषि बाजारों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी।उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य कृषि बाजारों को आधुनिक कृषि व्यापार एवं मूल्य संवर्धन केंद्र के रूप में विकसित कर बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करना है।






