विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी, महीसागर संगम, बड़ोदरा, पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने दिल्ली मुंबई हाइवे से ४०कि०मी०दूर सागर तट पर
कावी कम्वोई स्थान पर स्थित श्री स्तंभयेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन पुजन कर कहा कि-वास्तव में महीसागर संगम तट अद्भुत एवं आश्चर्यजनक है। प्रतिदिन दो बार समुद्र द्वारा शिवलिंग का जलाभिषेक ,लगभग 1 घंटे तक शिवलिंग का जल में डूबे रहना तथा स्वत: जलाभिषेक कर समुद्र का वापस होना! अपने आप में हम लोगों के लिए अभूतपूर्व है,स्कंद पुराण में श्री स्तंभयेश्वर महादेव का महत्व वर्णित है यहां पर हर -हरि, ब्रह्मा, सूर्य, इंद्र ,चंद्र ,मुनीगण आदि के साथ विश्व को आनंद देने वाले स्तंभयेश्वर लिंग प्रतिष्ठित है।
इत्याह भगवन् रुद्र: स्कंदस्य प्रीतये पुरा।
एवमेषु चतुर्थं च स्थापितं लिंगम् उत्तमम्।
सनत कुमार देव के अनुसार- पृथ्वी के सभी तीर्थ में स्नान का जो फल है, महीसागर संगम में वह प्राप्त होता है। यदि एक ही स्थान में समस्त तीर्थो का फल लाभ करने की इच्छा हो तो महीसागर संगम स्थित स्तंभयेश्वर महादेव मंदिर में पधारें।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य पंडित रमाशंकर तिवारी, पंडित जलेश्वर तिवारी, मनंजय तिवारी, सोनू कुमार तिवारी, आकाश मिश्र ,दिव्यांश आदि ने भी दिव्य दर्शन प्राप्त किया।






