अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण, बिहार
मझौलिया प्रखंड के करमवा पंचायत में जनप्रतिनिधियों के बीच उत्पन्न विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। पंचायत की मुखिया की कार्यशैली से नाराज कई वार्ड सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. राजीव रंजन कुमार से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। वार्ड सदस्यों ने पंचायत में चल रही विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों में अनियमितता और उपेक्षा का आरोप लगाया। शिकायत करने वालों में उपमुखिया प्रमिला देवी, वार्ड सदस्य राजेश कुमार, शिला देवी, मंजू देवी, सुनीता देवी, संदीप सहनी और रिंकी कुमारी सहित अन्य शामिल हैं। सभी ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपते हुए पंचायत में व्याप्त समस्याओं के समाधान की मांग की। आवेदन में पंचायत स्तर पर समन्वय की कमी और विकास योजनाओं के संचालन को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया है। वहीं, कुछ वार्ड सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए अपने त्यागपत्र भी सौंप दिए थे।

मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ डॉ. राजीव रंजन कुमार ने सभी पक्षों की बात सुनी और वार्ड सदस्यों द्वारा दिए गए त्यागपत्र को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंचायत के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखना सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से विवाद के समाधान पर जोर दिया। स्थिति की निष्पक्ष जांच और समाधान के लिए प्रशासन ने पंचायती राज पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम पूरे मामले की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, करमवा पंचायत की मुखिया अरुणा देवी के पति मोहन गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पंचायत में सभी विकास कार्य नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गलतफहमी फैलाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की पहल के बाद मामले के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पंचायत में चल रहे विवाद के जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।






