वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
एसएसबी 21वीं वाहिनी द्वारा नशा मुक्ति एवं अवैध मादक पदार्थ तस्करी विरोधी अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के मार्गदर्शन में वाहिनी मुख्यालय एवं समस्त सीमा चौकियों में समस्त बल कर्मियों द्वारा नशा मुक्ति एवं अवैध मादक पदार्थ तस्करी विरुद्ध शपथ लिया गया, एवं सीमावर्ती गांव एवं सार्वजनिक स्थानों पर आम जनमानस को जागरूक किया गया।
सभी ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं सेवन के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर सीमावर्ती गांवों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया। एसएसबी के जवानों ने ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर उन्हें नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लोगों से अपील की गई कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की मादक पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रशासन अथवा सशस्त्र सीमा बल को दें।
कमांडेंट श्री तपेश्वर संबित राउत ने अपने संदेश में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशा मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नशे के विरुद्ध जागरूक बने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकना तथा आम नागरिकों को जागरूक करना सशस्त्र सीमा बल की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।कार्यक्रम के दौरान समस्त अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी एवं बलकर्मी उपस्थित रहे तथा सभी ने नशा मुक्त भारत के निर्माण हेतु अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प दोहराया।






