विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक, पूर्व एडीजी एवं बिहार भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ए.पी. पाठक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मिडिया से मुखातिब हुए।
एपी पाठक ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को संतुलित कर उसे सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करता है तथा संपूर्ण मानवता को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।
श्री पाठक ने कहा कि योग भारतीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, जो आज विश्वभर में स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव का संदेश देता है। नियमित योग अभ्यास एपी पाठक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और योग ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में अनुशासन, ऊर्जा तथा सकारात्मक सोच प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के अथक प्रयासों के कारण आज योग को वैश्विक पहचान मिली है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने योग को विश्व मंच पर स्थापित किया और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है। आज दुनिया के अनेक देशों में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है।
श्री पाठक ने स्मरण कराया कि वे पूर्व वर्षों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चंपारण में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक योग कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। उनका मानना है कि योग समाज में एकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने घोषणा की कि बाबु धाम ट्रस्ट शीघ्र ही चंपारण में निःशुल्क योग प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की दिशा में कार्य करेगा, जहां युवाओं को योग का व्यावसायिक एवं प्रमाणित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे युवा योग प्रशिक्षक के रूप में आत्मनिर्भर बन सकेंगे तथा रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त करेंगे।
श्री पाठक ने कहा कि बाबु धाम ट्रस्ट पिछले डेढ़ दशक से चंपारण में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। ट्रस्ट ने गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों, महिलाओं तथा ग्रामीण समाज के उत्थान के लिए अनेक जनकल्याणकारी पहल की हैं। इसके साथ ही युवाओं में शिक्षा, नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए भी सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में श्री पाठक ने सभी नागरिकों से नियमित योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “योग स्वस्थ शरीर, शांत मन, सुदृढ़ चरित्र और समरस समाज की आधारशिला है।”






