रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार
दिनांक:- 18-06-2026
पूर्व रेलवे ने अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए मई 2026 के आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, 1 से 31 मई के बीच अनधिकृत रूप से चेन खींचे जाने के कारण 86 ट्रेनों को बीच रास्ते रोकना पड़ा, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और रेल परिचालन प्रभावित हुआ। इन मामलों में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए 72 मामले दर्ज किए तथा 58 लोगों को गिरफ्तार किया।
पूर्व रेलवे द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मामलों में कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं थी, बल्कि यात्रियों की व्यक्तिगत सुविधा, लापरवाही और विचित्र कारणों के चलते चेन पुलिंग की गई। कई यात्रियों ने ट्रेन अपने घर या गांव के पास रुकवाने के लिए चेन खींची, जबकि कुछ यात्रियों ने स्टेशन छूटने के डर से ऐसा किया। कई मामलों में गलत ट्रेन में चढ़ जाने, ट्रेन पकड़ने में देर होने, सामान छूट जाने अथवा मोबाइल फोन गिर जाने जैसे कारण सामने आए।
रिपोर्ट के मुताबिक, आसनसोल और हावड़ा मंडल सबसे अधिक प्रभावित रहे। आसनसोल मंडल में कई यात्रियों ने गांव के निकट उतरने के लिए चेन खींची, जबकि कुछ यात्री देर से जागने के कारण स्टेशन निकल जाने पर ट्रेन रुकवाना चाहते थे। कुछ मामलों में यात्रियों ने गलती से एसीपी हैंडल छू दिया, जबकि भारी सामान आपातकालीन लीवर पर टांग देने से भी चेन सक्रिय हो गई। रिश्तेदारों को विदा करने के लिए डिब्बे में चढ़े कुछ लोग ट्रेन खुलने के बाद उतर नहीं सके और उन्होंने चेन खींच दी।
हावड़ा, मालदा और सियालदह मंडलों में भी इसी प्रकार की घटनाएं सामने आईं। सियालदह मंडल में एक यात्री ने मोबाइल फोन गिर जाने पर चेन खींच दी, जबकि हावड़ा मंडल में प्लेटफॉर्म पर सामान छूट जाने के कारण ट्रेन रोकी गई। मालदा में एक यात्री ने जल्दी घर पहुंचने की मंशा से एसीपी का दुरुपयोग किया।
पूर्व रेलवे के अनुसार, इन घटनाओं के कारण कई महत्वपूर्ण रेलखंडों में ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित हुई। प्रत्येक घटना के कारण औसतन 13 से 17 मिनट तक का विलंब दर्ज किया गया। आसनसोल मंडल में सर्वाधिक 42 ट्रेनें प्रभावित हुईं, जबकि हावड़ा में 30, मालदा में 9 और सियालदह मंडल में 5 ट्रेनों को रोकना पड़ा।
समस्या पर नियंत्रण के लिए आरपीएफ ने मई माह में विशेष अभियान चलाया। इसके तहत आसनसोल मंडल में 37 मामले दर्ज कर 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हावड़ा मंडल में 22 मामले दर्ज कर 13 लोगों को पकड़ा गया। मालदा मंडल में 9 मामलों में 8 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि सियालदह मंडल में 4 मामलों में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पूर्व रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अलार्म चेन पुलिंग रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के अंतर्गत नियंत्रित है और इसका अनधिकृत उपयोग दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक के कारावास, एक हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में ही करें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक चेन पुलिंग से न केवल रेल सेवाएं प्रभावित होती हैं, बल्कि हजारों यात्रियों की यात्रा भी बाधित होती है। उन्होंने लोगों से समयनिष्ठ और सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित करने में सहयोग करने का आग्रह किया।






