विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्क निगरानी, जनकल्याण योजनाओं के लाभ समय पर पहुंचाने का निर्देश।
जिले के सर्वांगीण विकास हेतु जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय पर दिया गया बल।
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर।
विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच लाभों का हुआ वितरण।
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। श्री लखेन्द्र कुमार रौशन, माननीय मंत्री, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार-सह-अध्यक्ष जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार, बेतिया में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ, जबकि समापन बिहार गीत के साथ किया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण द्वारा गत बैठक की कार्यवाही के अनुपालन प्रतिवेदन तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन प्रगति से माननीय अध्यक्ष को अवगत कराया गया। विभिन्न विभागों की उपलब्धियों, लंबित मामलों तथा जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष श्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि प्रभारी मंत्री के रूप में पश्चिम चम्पारण जिले में पहली बार बैठक करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम चम्पारण निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सभी के सामूहिक प्रयासों से इसे और अधिक विकसित एवं आदर्श जिला बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के अनुभवों और सुझावों का लाभ प्रशासन को अवश्य लेना चाहिए। सभी अधिकारियों द्वारा ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है, जिसे आगे भी पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ जारी रखना होगा।

बैठक में माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि 20 सूत्री समिति की बैठकों से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन सभी सदस्यों को बैठक से कम-से-कम एक सप्ताह पूर्व उपलब्ध कराया जाए, ताकि सदस्यगण उसकी समीक्षा कर सकें। उन्होंने विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। नेपाल सीमा से सटे जिले की विशेष परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर करने को कहा।

माननीय अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय तथा सरकार द्वारा निर्धारित सभी सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।बैठक के दौरान जिले में अतिक्रमण की समस्या पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने स्थायी अतिक्रमणों को प्रभावी ढंग से हटाने की कार्रवाई करने तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर मालवाहक वाहनों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विकास संबंधी कार्य विद्यालय प्रबंधन समिति की स्वीकृति एवं अनुमोदन के पश्चात ही कराए जाएं। यदि किसी विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति की अनुमति के बिना रात्रि प्रहरी की नियुक्ति अथवा अन्य कार्य कराए गए हैं, तो उनकी जांच सुनिश्चित की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में उपस्थित माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल, माननीय सांसद श्री सुनील कुमार तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित समस्याओं, विकास कार्यों एवं जनहित के मुद्दों को उठाया तथा उनके समाधान हेतु सुझाव दिए। माननीय प्रभारी मंत्री ने सभी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक के उपरांत माननीय प्रभारी मंत्री द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों के बीच लाभों का वितरण भी किया गया। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय निर्माण योजना के लाभुकों को प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को नव निर्मित आवास की चाबी, जॉब कार्ड तथा राशन कार्ड वितरित किए गए।

बैठक में माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल, माननीय सांसद श्री सुनील कुमार, माननीय विधायक श्रीमती रेणु देवी, श्री राम सिंह, श्री नारायण प्रसाद, श्री विनय बिहारी, श्री अभिषेक रंजन, श्री सुरेन्द्र प्रसाद, श्री संजय पाण्डेय, माननीय विधान पार्षद श्री सौरभ कुमार, श्री भीष्म सहनी, श्री वीरेन्द्र नारायण यादव, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री शत्रुघ्न कुशवाहा एवं श्री रूपक श्रीवास्तव, जिला परिषद अध्यक्ष श्री निर्भय महतो सहित 20 सूत्री समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन, उप विकास आयुक्त श्री काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता श्री राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री अनिल कुमार सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार, निदेशक डीआरडीए श्री अरुण प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय पदाधिकारी एवं अभियंता बैठक में उपस्थित रहे।






