विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा (पश्चिम चंपारण): बिहार के पश्चिम चंपारण बगहा क्षेत्र में थारू समाज के ग्रामीणों ने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सामूहिक एकता और मेहनत की ताकत दिखाई है। सरकारी स्तर पर लंबे समय से उपेक्षित पड़ी करीब 1400 मीटर लंबी जर्जर सड़क को ग्रामीणों ने खुद ही ठीक कर दिया। बताया जाता है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण गांववासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के दिनों में यह सड़क कीचड़ से भर जाती थी, जिससे बच्चों का स्कूल जाना और बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो जाता था।

इस समस्या के समाधान के लिए थारू समाज के लोगों ने चंदा (आर्थिक सहयोग) इकट्ठा किया और फिर सामूहिक श्रमदान के जरिए सड़क मरम्मत का कार्य शुरू किया। कई दिनों की लगातार मेहनत के बाद ग्रामीणों ने सड़क को इस लायक बना दिया कि अब उस पर आसानी से आवाजाही हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी मदद नहीं मिली, तो उन्होंने खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाई। इस पहल ने न सिर्फ उनकी समस्या का समाधान किया, बल्कि समाज में एकजुटता और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा है, जहां लोग मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
थारू समाज के इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि अगर समुदाय एकजुट हो जाए, तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाला जा सकता है।






