जीणोद्धार के बाद भी कुआं में नहीं है पानी।
शिकायत करने गए ग्रामीणों के विरुद्ध मुखिया ने दिया थाना में आवेदन।
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण ।
मझौलिया प्रखंड के बहुअरवा पंचायत में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत कराए गए कुआं जीर्णोद्धार कार्य को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को वार्ड संख्या 10 मैं दर्जनों ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया देवी सहनी और वार्ड सदस्य मीना देवी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने योजना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि 15वीं वित्त आयोग की राशि से कराए गए कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। आरोप है कि कुएं की साफ-सफाई अधूरी छोड़ दी गई तथा निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि योजना का बोर्ड और प्राक्कलन राशि भी सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राम जानकी मठ के मठाधीश बाबा बीरेंद्र दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जीर्णोद्धार कार्य के दौरान मठ से ईंट, बालू और गिट्टी सहित अन्य निर्माण सामग्री ली गई थी। उनका आरोप है कि मुखिया और वार्ड सदस्य के पुत्र राजीव ठाकुर ने सामग्री लेकर योजना में इस्तेमाल कर लिया, लेकिन अब तक उसे वापस नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई बार मांग करने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

ग्रामीण राम प्रवेश कुमार, उमेश कुमार, पवन यादव, रवि कुमार और सतीश कुमार ने बताया कि जब उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और सफाई को लेकर सवाल उठाया, तब उन्हें मुखिया के आवास पर बुलाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में उन पर ही घर का ताला तोड़ने और चोरी का आरोप लगाकर थाना में आवेदन दे दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन में रूदल महतो, झुन्नू यादव, संजय ठाकुर, राजन ठाकुर, मोदी यादव, ललन यादव, उमेश महतो, लाल बाबू यादव और राजेंद्र राम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।






