विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
पीएम मोदी ने कल दोबारा अपनी बात दोहराई है। हमलोग शायद समझ नहीं पा रहे हैं।
अगर 1 वर्ष के लिए हम सोना आयात आधा यानि 50% तक कम कर पाएं तो लगभग 35 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बचेगी! अगर हम 1 वर्ष के लिए तेल आयात मे 20% की कटौती कर पाएं तो हम लगभग 32 अरब डॉलर तक विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं!
अगर हम 1 वर्ष के लिए खाद्य तेल मे 20% भी कटौती कर पाएं तो 4 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा बचा सकते हैं!भारत को अपना फॉरेक्स रिजर्व बचाना है और बढ़ाना हैफॉरेक्स रिजर्व ही एक मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होता है। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी बार बार हमसे यह अपील कर रहे हैं!यह देश के प्रति हमारी देशभक्ति प्रमाणित करने का अवसर भी है। ऐसा करके हम भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बचा सकेंगे। हमारा करेंट अकाउंट डेफिसिट बहुत हद तक कंट्रोल/कम हो सकेगा। आने वाले आर्थिक संकट को हम टाल सकते हैं यदि हम प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लेकर उनकी कही बातों का पालन करते हैं!

देश के प्रति दायित्वों का निर्वहन करने का ठेका केवल सरकार का नहीं है; हर देशवासी का भी है; कोरोना काल के बाद पुनः हमें यह अवसर मिला है!
अगर हमने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने देश को जिस मुकाम पर पहुंचाया है वो सब व्यर्थ हो जाएगा। देश पुनः आर्थिक कमजोरी और गरीबी के दलदल में धंसने लगेगा। फॉरेक्स रिजर्व कम होता जाएगा; FDI जाएगा; कम्पनियां बंद होंगी; रोजगार के अवसर खत्म होने लगेंगे। महंगाई इतनी बढ़ेगी जिसका हम सामना भी नहीं कर पाएंगे। ले दे कर हमारा ही नुकसान होगा; क्योंकि आर्थिक बोझ केवल देश की अर्थव्यवस्था पर ही नहीं; हमारी जेब पर भी पड़ेगा! स्थिति भयावह हो उससे पहले ही हर परिस्थिति से निपटने के लिए सबको तैयार करना यही सच्चे नेतृत्व की निशानी है और पीएम मोदी की अपील बार बार हमसे यही कह रही है! कृपया इसे हल्के मे ना लें ।
राधे-राधे






