विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी, पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने आदर्श शिक्षक एवं समाज सेवी स्व०रमाशंकर सिंह को भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बड़े भाई रमाशंकर सिंह सौम्य व्यक्तित्व के धनी एवं नैतिक मूल्यों पर अडिग रहते हुए, अनुशासन प्रिय और संस्कार युक्त शिक्षा प्रेमी थे।
एक शिक्षक के रूप में इन्होंने हजारों विद्यार्थियों को जीवन भर मार्गदर्शन देकर उन्हें योग्य बनाया। जो आज विभिन्न क्षेत्रों में परचम लहरा रहे हैं। इनके अनुज उमाशंकर सिंह, जयगोपाल सिंह, जगदीश सिंह सरकारी सेवा से अवकाश प्राप्त किए हैं, जबकि इनके पुत्रों अशोक,अनील,अजय एवं अजित ने सरकारी सेवा में रहते हुए परिवार का मान बढ़ाया है।
समाज के साथ साथ परिवार में इनका योगदान प्रेरणादाई रहा। सही मायने में कहें तो एक शिक्षक के महाप्रयाण से समाज की बहुत बड़ी क्षति होती है। हजारों गणमान्य लोगों की उपस्थिति से सहज ही इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। मैं अपने आदर्श मार्गदर्शक को कोटिश: नमन करता हूं।






