विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा, प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं प्रकृति प्रेमी पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने पृथ्वी दिवस पर अपने पिता और पौत्र के साथ पौधरोपण कर कहा कि -पृथ्वी की सुरक्षा कवच हरे भरे पेड़ और लहलहाती फसलें हैं,जिनका मूल आधार जल है। वर्तमान में हीटवेव से पृथ्वी की संरक्षण के लिए जल एवं नमी अतिआवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अक्सर किसान फसल कटाई के बाद खेत में पड़े अवशेषों को जला देते हैं। जिससे खेतों में नमी संरक्षण के लिए मल्चिंग एवं खरपतवार , (मल्च के रूप में जैव उत्पाद ) पूरी तरह नष्ट हो जाता है।

जबकि पौध तैयार करते समय भी मल्च का प्रयोग लाभकारी है। अच्छा रहेगा, आप पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए सायंकाल ड्रीप विधि से आवश्यकतानुसार सिंचाई जरुर करें, जिससे नमीं बनी रहेगी और पानी का अपव्यय नहीं होगा। हीटवेव को देखते हुए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक तापमान 45 से 50 डिग्री तक बढ़ सकता है, अतः बाहर खुले स्थानों पर निकलना घातक हो सकता है। आइए! आज हम पृथ्वी दिवस के अवसर पर संकल्प लें, कि हमें पृथ्वी की सेहत के साथ साथ पशु, पक्षी और स्वयं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।






