स्टेट बैंक चौराहे से रामधाम मंदिर जाने वाली सड़क पर फैला गंदा पानी, नवरात्र में श्रद्धालुओं को भी हो सकती है परेशानी
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 25 में जलजमाव की समस्या से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य स्टेट बैंक चौराहे से रामधाम मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर नाली का गंदा पानी बहने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति केवल बरसात के मौसम में ही नहीं, बल्कि अन्य दिनों में भी बनी रहती है। इसके कारण सड़क से गुजरने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद क्षेत्र में नाली के गंदे पानी का सड़क पर बहना सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक जलजमाव बने रहने से दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ सकता है।
नवरात्र में श्रद्धालुओं की बढ़ सकती है परेशानी
नवरात्र का पर्व शुरू होने वाला है। ऐसे में रामधाम मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को इस सड़क से गुजरने में परेशानी हो सकती है। मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को नाली के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पर्व के दौरान लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बताया जाता है कि यह जलजमाव पीएचसी प्रभारी राजेश सिंह के घर के सामने भी देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद आसपास नियमित सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद में सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि सड़क पर नाली का गंदा पानी जमा रहता है, तो व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर जमा गंदे पानी की निकासी के लिए तत्काल उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही नालियों की नियमित सफाई, जलजमाव वाले स्थानों पर आवश्यक छिड़काव और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं, ताकि राहगीरों, स्थानीय निवासियों और मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके। अब देखना यह है कि नगर परिषद प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कब तक समाधान की पहल करता है।






