तीन मौतों के बीच परिजनों को मिला सहारा,राहगीरों के लिए छोड़ गई सीख
आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
लौरिया। एनएच-727 पर जिरिया बंगाली माई स्थान के समीप बुधवार को हुए दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत ने राहगीरों के लिए भी गंभीर सीख छोड़ी है। एनएच पर वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण, सामने से आने वाले वाहनों पर नजर और अतिरिक्त सतर्कता बरतना ही अनमोल जिंदगी की सबसे बड़ी सुरक्षा है। हादसे में बेलवा-लखनपुर पंचायत के मौलानगर गांव निवासी याकूब आलम, साहिल मियां और सुंदर कुमार साह की जान गई थी। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर परसा मठिया की ओर से लौरिया आ रहे थे,तभी विपरीत दिशा से आ रहे बेकाबू ट्रक ने बाइक को रौंद दिया।
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद याकूब और साहिल को सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जबकि सुंदर का दाह संस्कार किया गया। अंतिम विदाई में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

इधर अंचलाधिकारी आशु रंजन, राजस्व अधिकारी राहुल कुमार अग्रवाल और थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान मृतकों के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद याकूब के पिता नथुनी मियां, साहिल के पिता दिलजान मियां और सुंदर के पिता रामबालक साह को चार-चार लाख रुपये का चेक सौंपा गया। सीओ ने बताया कि सरकार की ओर से देय मुआवजा दे दिया गया है। अन्य अनुमन्य सुविधाएं भी नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएंगी। मौके पर मुखिया अनिल कुमार राम, जिला पार्षद प्रतिनिधि मैनेजर यादव,वार्ड सदस्य सुमन ठाकुर,संतोष कुशवाहा व कर्मचारी सचिन कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।






