बिहार के मांझागढ़ से सुधीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मांझागढ़ (गोपालगंज)। सावन की चौथी एवं अंतिम सोमवारी को मांझागढ़ प्रखंड क्षेत्र पूरी तरह शिवमय नजर आया। एक ओर जहां विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही, वहीं कोइनी स्थित रामजानकी मंदिर परिसर से सात दिवसीय महाशिव पुराण पाठ एवं पूर्णाहुति महायज्ञ को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक आयोजनों के कारण पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। कोइनी रामजानकी मंदिर के महंत रामनारायण दास के नेतृत्व में ग्रामीणों के सहयोग से सात दिवसीय महाशिव पुराण पाठ एवं पूर्णाहुति महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर सोमवार को मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में 101 कन्याएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं। श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए गंडक नदी के तट पर पहुंची, जहां वैदिक विधि-विधान के साथ कलश में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर पुनः रामजानकी मंदिर पहुंचे, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद महायज्ञ का शुभारंभ किया गया।

कलश यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। यात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन एवं चौकीदारों ने संभाली। प्रशासन की निगरानी में यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इधर, सावन की चौथी सोमवारी को मांझागढ़ प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित मांझागढ़ राज के शिव मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालु उपवास रखकर मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, फूल, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की।

सनातन परंपरा में सावन के सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते अंतिम सोमवारी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवालयों में पहुंचे। मंदिरों में सुबह से ही ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष गूंजते रहे। पूरे मांझागढ़ क्षेत्र में धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।






