नाबालिग बेटों ने दी पिता को मुखाग्नि, पीड़ित परिवारों के साथ अंत तक खड़े रहे मुखिया शैलेश

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बनकटवा हादसे में चार परिवारों के कमाऊ सदस्यों की मौत

केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने पीड़ितों से मिलकर जताई संवेदना; संजय महतो के पिता ने शाही बस व चालक के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार

बनकटवा में शुक्रवार रात शाही बस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत के बाद रविवार को गांव में मातम पसरा रहा। मृतकों का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब चार मृतकों के नाबालिग पुत्रों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। दुर्घटना ने कई परिवारों से उनके मुख्य कमाऊ सदस्य को छीन लिया है, जिससे उनके सामने भविष्य में भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मृतक संजय महतो के महज चार वर्षीय पुत्र अमित ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। संजय परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। भोला दुबे उर्फ राकेश दुबे के नौ वर्षीय पुत्र रंजन ने मुखाग्नि दी। भोला शाही बस में कंडक्टर के रूप में काम करते थे और अपने दो नाबालिग बेटों के सहारे थे।

इसी तरह बहादुर महतो के छह वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार और देवेंद्र दुबे के सात वर्षीय पुत्र अनमोल कुमार ने भी अपने पिता को मुखाग्नि दी। बहादुर महतो और छांगुर राम भी अपने-अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वहीं आयोजनकर्ता देवेंद्र दुबे की मौत ने उस परिवार की खुशियां छीन लीं, जहां छठियार समारोह चल रहा था। देवेंद्र परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी, माता-पिता और पांच नाबालिग बच्चे हैं। हादसे में घायल अजीत साह की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उनका इलाज गोरखपुर में चल रहा है। अन्य घायलों का भी अलग-अलग अस्पतालों में उपचार कराया जा रहा है।

पीड़ित परिवारों के बीच लगातार डटे रहे मुखिया शैलेश

हादसे के बाद पंचायत के मुखिया इंजीनियर शैलेश कुमार लगातार पीड़ित परिवारों के बीच बने रहे। उन्होंने राहत और सहायता उपलब्ध कराने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय किया तथा शवों की व्यवस्था और अंतिम संस्कार तक की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दिलाने के लिए उनके स्तर से लगातार प्रयास किए जाने की ग्रामीणों ने सराहना की। केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने श्रम परिवर्तन अधिकारी स्तुति कुमारी समेत संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रशासन की ओर से पांचों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।

संजय के पिता ने बस और चालक पर दर्ज कराई प्राथमिकी

इधर, मृतक संजय महतो के पिता नथु महतो ने रविवार को लौरिया थाना में शाही बस और उसके चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आवेदन में उन्होंने बताया है कि शुक्रवार रात शत्रोहन दुबे के पोते के छठियार समारोह में गांव के लोग भोज और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में शामिल थे। इसी दौरान सड़क पर खड़े लोगों को शाही बस ने रौंद दिया। हादसे में नौ लोग बस की चपेट में आए थे। इनमें संजय महतो, बहादुर महतो, छांगुर राम, भोला दुबे उर्फ राकेश दुबे और देवेंद्र दुबे की मौत हो गई। वहीं अजीत साह, नरेश राम, मचान महतो उर्फ मोतीचंद महतो और श्याम बाबू समेत अन्य लोग घायल हुए। नथु महतो ने प्राथमिकी में बस और चालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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