वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
आदिवासी एवं ग्रामीण समुदाय में कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के झरहरवा गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य जांच एवं आयुर्वेद चिकित्सा शिविर लगाया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, अगमकुआं, पटना की ओर से संचालित आदिवासी स्वास्थ्य रक्षा अनुसंधान कार्यक्रम 2026-27 के तहत आयोजित शिविर में बच्चों और किशोरियों की विशेष स्क्रीनिंग की गई। साथ ही 82 मरीजों की जांच कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवाएं दी गईं।
शिविर प्रभारी अनुसंधान अधिकारी डॉ. बनमाली दास के दिशा-निर्देशन तथा परियोजना प्रमुख अन्वेषक एवं अनुसंधान अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। आंगनबाड़ी केंद्र पर 15 बच्चों की कुपोषण संबंधी स्क्रीनिंग करते हुए उनके रक्त नमूने जांच के लिए लिए गए। डॉ. सिन्हा ने कहा कि कुपोषण बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए समय रहते इसकी पहचान और उचित पोषण बेहद जरूरी है।

वहीं विद्यालय में एनीमिया की जांच के दौरान 12 छात्राओं के रक्त नमूने लिए गए। चिकित्सकों ने किशोरियों को आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया। ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों के उचित पोषण की जानकारी भी दी गई।
शिविर में कुल 82 मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर चिकित्सकीय परामर्श दिया गया और जरूरत के अनुसार नि:शुल्क औषधियों का वितरण किया गया। टीम ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं आदिवासी समुदाय में स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उपचार और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
शिविर में डॉ. शमीम आलम, लैब टेक्नीशियन प्रकाश कुमार, विशम्भर हलदार एवं रमेश राम की सक्रिय सहभागिता रही।






