प्रभारी मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने भूमिहीन परिवारों को दिया आजादी का तोहफा, 30 लाभुकों को सौंपा बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र।
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 के अवसर पर पश्चिम चम्पारण जिले में भूमिहीन परिवारों को बड़ी सौगात मिली। अभियान बसेरा-02 के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कुल 970 सुयोग्य भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र वितरित किया गया। इस पहल से भूमिहीन परिवारों को अपने आवास के लिए भूमि का वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ है।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रमना मैदान, बेतिया में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान माननीय मंत्री, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग-सह-प्रभारी मंत्री, पश्चिम चम्पारण श्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने प्रतीकात्मक रूप से 30 भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र प्रदान किया। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले लाभुकों के चेहरे पर खुशी और संतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह के निर्देश के आलोक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित राजकीय झंडोत्तोलन समारोहों के दौरान भी सुयोग्य भूमिहीन परिवारों के बीच बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र का वितरण किया गया। इस प्रकार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलेभर में अभियान बसेरा-02 के तहत लाभुक परिवारों को भूमि का अधिकार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस अवसर पर माननीय प्रभारी मंत्री श्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र का वितरण केवल जमीन का कागज देना नहीं, बल्कि उन्हें अधिकार, सुरक्षा और अपने आशियाने का आधार प्रदान करना है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह पहल गरीब एवं भूमिहीन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है।

उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। अभियान बसेरा-02 के माध्यम से भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराकर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी, श्री तरनजोत सिंह ने बताया कि अभियान बसेरा-02 के तहत जिले में कुल 970 सुयोग्य भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया है। प्रशासन की इस पहल से लाभुक परिवारों को आवास निर्माण के लिए भूमि का अधिकार मिलने के साथ ही उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की नई उम्मीद जगी है।






