विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
नई दिल्ली/बगहा। लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत लोक महत्व के मुद्दे को उठाते हुए बाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार ने सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की कथित बेरुखी पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर मंत्रालय का रवैया असंगत और निराशाजनक रहा है, जिस पर सरकार का ध्यान आकृष्ट करना आवश्यक है। सांसद ने अध्यक्ष से संरक्षण की मांग करते हुए कहा कि बाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले योजनाओं को स्वीकृति देती है, फिर उन्हें रद्द कर देती है या लंबे समय तक ठंडे बस्ते में डाल देती है, जिससे क्षेत्रीय विकास प्रभावित हो रहा है। सांसद सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने बिहार के बगहा और गंडक पार उत्तर प्रदेश के जटहा घाट के सामने पुल सह सड़क निर्माण की मांग की थी। इस पर सरकार ने लोकसभा में जवाब दिया कि बगहा के शास्त्रीनगर और यूपी के बेलवनिया के बीच पुल प्रस्तावित है और उसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है।

लेकिन बाद में उसी योजना को ट्रैफिक स्टडी, अधिक लागत और नजदीक में पहले से पुल होने का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के पहलुओं पर विचार योजना स्वीकृति और डीपीआर बनने से पहले किया जाना चाहिए था।
इसके अलावा, सांसद ने बताया कि सरकार ने उनके एक अन्य प्रश्न के जवाब में बेतिया से बगहा तक फोरलेन सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था। इसके लिए एलाइनमेंट भी स्वीकृत किया गया और डीपीआर तैयार करने हेतु एजेंसी नियुक्त की गई। हालांकि, अब मंत्रालय की ओर से लिखित जानकारी दी जा रही है कि जब तक छपवा-बेतिया फोरलेन और गोरखपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक बेतिया से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग की किसी भी योजना पर कार्य नहीं किया जाएगा।
सांसद ने इसे बाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र के साथ सरासर अन्याय करार देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की जनता में भारी निराशा है और विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन योजनाओं पर शीघ्र पुनर्विचार कर ठोस कदम उठाए जाएं ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके।






