अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
बिहार बंद के दौरान दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इस संबंध में मझौलिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार बंद के दौरान छपरा सदर एवं रिविलगंज में प्रतिनियुक्त प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा जानलेवा हमला किया गया, जिसमें दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से प्रशासनिक अधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सरकारी अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं। इसलिए आवश्यक है कि विधि-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा बल, सुरक्षा उपकरण तथा आवश्यक संसाधनों के साथ ही घटनास्थल पर भेजा जाए, ताकि वे निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने इस गंभीर घटना को लेकर मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री, विभागीय सचिव एवं मुख्य सचिव को पत्र भेजकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रतीकात्मक विरोध के तहत जिले के प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की और सरकार से अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही वे पूरी निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ जनहित के कार्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।






