शाम ढलते ही शुरू होता है कटौती का सिलसिला, कारण क्या?
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में इन दिनों बिजली की आंख-मिचौली से आम उपभोक्ता खासे परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही शाम होती है, बिजली की अनियमित कटौती शुरू हो जाती है और पूरी रात लुकाछिपी का खेल चलता रहता है। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर खाना बनाने पकाने एवं खाने पीने के साथ ही छोटे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बार-बार बिजली जाने और कम वोल्टेज की समस्या के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि सरकार द्वारा केरोसिन (मिट्टी तेल) की आपूर्ति पहले ही बंद कर दी गई है, ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं बची है।

केंद्र और राज्य सरकारें जहां हर घर में बिजली और “दूधिया रोशनी” का दावा कर रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर कोई भी जनप्रतिनिधि खुलकर आवाज नहीं उठा रहा है, जिससे खासा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि बरसात के इस मौसम में उन्हें राहत मिल सके।






