तेज बहाव वाली नदी…… शिक्षा की जिद
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा (पश्चिम चंपारण): शिक्षा के लिए संघर्ष की कई कहानियां आपने सुनी होंगी, लेकिन बगहा से सामने आई यह तस्वीर दिल को झकझोर देने वाली है। यहां एक पिता अपने छोटे बेटे को कंधे पर बैठाकर तेज बहाव वाली नदी पार कराता है, ताकि उसका बेटा स्कूल पहुंच सके। मामला बगहा अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत दोन की है। जहां बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और पानी का बहाव खतरनाक हो जाता है। ऐसे में गांव के बच्चों के लिए स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। पुल या सुरक्षित रास्ते की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।

इस वायरल तस्वीर में साफ दिखता है कि कैसे एक पिता अपने बेटे की पढ़ाई के लिए हर खतरे को नजरअंदाज कर रहा है। कंधे पर बैठे मासूम की आंखों में स्कूल जाने की उम्मीद है, जबकि पिता के कदम हर लहर के साथ लड़ते नजर आते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर साल बरसात के मौसम में और भी गंभीर हो जाती है। कई बार हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
सवाल उठता है—?
क्या आज भी बच्चों को शिक्षा पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी? क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का कोई ठोस समाधान करेगा? यह दृश्य सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाके में बुनियादी सुविधाओं की कमी की सच्चाई भी बयां करता है।






