वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को जैसे ही अच्छी वर्षा मिली, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। धान के बिचड़े की रोपाई के लिए बारिश पर निर्भर रहने वाले किसान अब खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। बारिश के बाद खेतों में पानी भरने से रोपनी का कार्य मे रफ्तार बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। वही लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने भी बारिश के बाद राहत की सांस ली। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। सुबह से ही आसमान में छाए बादल और रिमझिम फुहारों के बाद हुई तेज बारिश ने पूरे इलाके का मौसम खुशनुमा बना दिया।

बारिश का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं पर भी देखने को मिला। सूखी पड़ी वनस्पतियों में नई ताजगी लौट आई, जबकि पशु-पक्षी भी राहत महसूस करते नजर आए। खेत-खलिहानों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गई और वे धान की रोपनी की तैयारियों में जुट गए।
किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर अच्छी बारिश होती रही तो धान की फसल बेहतर होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है। समय पर हुई इस बारिश ने खेती-किसानी के लिए नई उम्मीद जगाई है। बारिश के साथ ही गांवों में रौनक लौट आई और खेतों में किसानों का उत्साह देखते ही बन रहा है। मौसम के बदले मिजाज ने मानो प्रकृति में नई जान फूंक दी है और किसान खुशी से झूम उठे हैं।






