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वाल्मीकिनगर में 155वीं नारायणी गंडकी महाआरती, भक्ति और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

वाल्मीकिनगर (भारत-नेपाल सीमा) स्थित संगम तट के बेलवा घाट परिसर में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा के पावन अवसर पर शनिवार की देर शाम 155वीं नारायणी गंडकी महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी, मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद, आचार्य पंडित अनिरुद्ध द्विवेदी, निर्माता अरविंद अकेला सहित कई गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। महाआरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और दीपों की अलौकिक छटा से पूरा संगम तट भक्तिमय वातावरण में डूब गया। “गंगा मैया की जय” और “नारायणी गंडकी माता की जय” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

श्रद्धालुओं ने मां नारायणी गंडकी की पूजा-अर्चना कर देश, समाज और विश्व कल्याण की कामना की तथा गंगा, गंडक और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। महाप्रसाद की व्यवस्था संरक्षक विजय कुमार एवं निर्माता अरविंद अकेला द्वारा की गई। इस अवसर पर आचार्य पंडित अनिरुद्ध द्विवेदी ने अधिक मास की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मास विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होता है। वहीं संगीत आनंद ने कहा कि इस अवधि में किए गए जप, तप, दान और पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से इस महाआरती का आयोजन वर्ष 2014 से लगातार किया जा रहा है। कार्यक्रम में सामाजिक सरोकारों पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने ग्लोबल वार्मिंग को गंभीर खतरा बताते हुए प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण का आह्वान किया। संस्था द्वारा विभिन्न स्थानों पर ‘चलंत दरिद्र नारायण भोज’ जैसे मानवीय सेवा कार्य भी निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

भजन संध्या में मधु देवी, राजा कुमार एवं हीरीमति देवी ने पारंपरिक भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन भारत कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कामेश्वर श्रीवास्तव एवं अरविंद अकेला ने किया।कार्यक्रम के अंत में थरुहट क्षेत्र के लोक कलाकार एवं मुखिया खूबलाल बड़घडिया, भारतीय थारू कल्याण महासंघ के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष दीप नारायण प्रसाद तथा समाजसेवी उमाकांत गुप्ता के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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