बाल्मीकि नगर से नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा विक्रेताओं द्वारा बुलाए गए एकदिवसीय बंद के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बंदी के दौरान अधिकांश मेडिकल दुकानों के शटर बंद रहे, जिससे जरूरी दवाइयों के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से स्थानीय मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह और उचित निगरानी के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है।

इसी मांग को लेकर दवा व्यवसायियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए एक दिन की बंदी रखी।
इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र स्थित वाल्मीकिनगर में बंदी के बावजूद मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देव मेडिकल हॉल को आपातकालीन सेवा के लिए खुला रखा गया। यहां जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
बंदी के कारण खासकर बुजुर्ग, बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अधिक परेशानी हुई। दवा विक्रेताओं ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने की मांग की है।






