विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा/चम्पारण। मंडल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) के सदस्य राकेश सिंह ने सप्तक्रांति एक्सप्रेस ट्रेन को समस्तीपुर तक विस्तारित किए जाने की किसी भी पहल का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे चम्पारण क्षेत्र के रेल यात्रियों के हितों के खिलाफ बताते हुए पूरी तरह अव्यवहारिक करार दिया है।मीडिया से बातचीत में श्री सिंह ने कहा कि समस्तीपुर की सांसद द्वारा सप्तक्रांति एक्सप्रेस का विस्तार समस्तीपुर तक करने की मांग की गई है, जो वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने याद दिलाया कि जब इस ट्रेन की शुरुआत हुई थी, तब तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने इसे विशेष रूप से चम्पारण के यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू किया था। उन्होंने बताया कि समस्तीपुर पहले से ही एक प्रमुख रेल डिवीजन मुख्यालय है, जहां से दिल्ली के लिए राजधानी, वैशाली, सम्पर्क क्रांति, स्वतंत्रता सेनानी, आम्रपाली, हमसफर, अवध असम, गरीब रथ और उदयपुर सिटी एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनें संचालित होती हैं। इसके विपरीत नरकटियागंज रूट से प्रतिदिन केवल सप्तक्रांति और सत्याग्रह एक्सप्रेस ही चलती हैं, जिनमें यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

श्री सिंह ने आशंका जताई कि यदि सप्तक्रांति एक्सप्रेस का विस्तार समस्तीपुर तक किया जाता है, तो चम्पारण के यात्रियों के लिए सीट उपलब्धता और भी सीमित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह इस मार्ग की एकमात्र सुपरफास्ट ट्रेन है, ऐसे में इसके विस्तार से स्थानीय यात्रियों को सीधा नुकसान होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि समस्तीपुर के जनप्रतिनिधि रेल सुविधा बढ़ाने के इच्छुक हैं, तो उन्हें हाजीपुर रूट से चलने वाली सम्पर्क क्रांति और वैशाली एक्सप्रेस को नरकटियागंज रूट से चलाने की मांग करनी चाहिए। इसके बाद ही किसी अन्य विस्तार पर विचार किया जाना चाहिए। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सप्तक्रांति एक्सप्रेस के विस्तार की दिशा में कोई पहल की जाती है, तो चम्पारण के यात्री आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। साथ ही उन्होंने बाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी के सांसदों से भी इस मुद्दे पर सतर्क रहने की अपील की है।






