Tuesday, February 10, 2026
No menu items!
Google search engine
Home आस पास पश्चिम चंपारण को हाथीपांव मुक्त बनाने का संकल्प, 10 फरवरी से शुरू...

पश्चिम चंपारण को हाथीपांव मुक्त बनाने का संकल्प, 10 फरवरी से शुरू होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान।

0
10

11 फरवरी को जिले भर में एमडीए मेगा कैंप किये जायेंगे आयोजित।

विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

​बेतिया। ​पश्चिम चंपारण जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 10 फरवरी से जिले में व्यापक स्तर पर सर्वजन दवा सेवन अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसके तहत कुल 45 लाख 14 हजार 193 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सिफार) के साझा सहयोग से जीएमसीएच पैरामेडिकल कॉलेज के सभागार में एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।

अभियान की रूपरेखा और तैयारी:


कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति जिले को इस रोग से मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2237 प्रशिक्षित दलों को तैनात किया है, जो 14 दिनों तक लगातार घर-घर जाकर लोगों को अपनी उपस्थिति में दवा का सेवन कराएंगे। अभियान के दौरान 11 फरवरी को पूरे जिले में विशेष महा-शिविर आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्य की निगरानी के लिए 224 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं और प्रत्येक प्रखंड में त्वरित प्रतिक्रिया दल (आरआरटी टीम) का गठन भी किया गया है।

मरीज की पीड़ा और आशा कार्यकर्ता की अपील:


कार्यशाला में सीएचओ लीड पीएसपी मेंबर व आशा कार्यकर्ता मालती देवी ने समुदाय के स्तर पर जागरूकता फैलाने के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बीमारी से बचने का एकमात्र उपाय समय पर दवा का सेवन करना है और वह अपनी टीम के साथ हर घर तक पहुँचने के लिए समर्पित हैं। वहीं, फाइलेरिया मरीज जुबेदा खातून ने अपनी आपबीती सुनाते हुए लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि हाथीपांव होने के बाद जीवन अत्यंत कठिन हो जाता है और उन्हें कई शारीरिक व सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने भावुक होते हुए लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्यकर्मियों के सामने दवा जरूर खाएं ताकि किसी और को यह कष्ट न झेलना पड़े।

दवा की सुरक्षा और भ्रांतियों का निवारण:


जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र कुमार ने दवाओं की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए बताया कि दी जाने वाली गोलियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि यदि दवा खाने के बाद किसी व्यक्ति को हल्की बेचैनी या चक्कर महसूस होता है, तो यह एक अच्छा संकेत है। इसका अर्थ है कि शरीर में मौजूद रोग के सूक्ष्म कीटाणु दवा के प्रभाव से नष्ट हो रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी सामान्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति भी यह दवा सुरक्षित रूप से ले सकते हैं।

नियमों का पालन और विशेष सावधानी:


स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत दवाएं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा केवल अपने सामने ही खिलाई जाएंगी और इनका वितरण किसी भी स्थिति में नहीं किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बहुत गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही यह सलाह दी गई है कि दवा का सेवन कभी भी खाली पेट न करें। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि यदि कोई व्यक्ति लगातार पांच वर्षों तक साल में एक बार इन दवाओं का सेवन कर लेता है, तो उसे जीवनभर इस रोग के होने की संभावना समाप्त हो जाती है। इस अवसर पर भीबीडीसी सुशांत कुमार, प्रशांत कुमार, पिरामल से राजू कुमार सिंह और अब्दुल्ला अंसारी, डब्लूएचओ प्रतिनिधि सहित सीएफएआर प्रतिनिधि मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

error: Content is protected !!