विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा-2, पश्चिम चम्पारण। नरवल-बोरवल पंचायत के पिपरा गांव में अभिमन्यु यादव के तालाब के समीप एक वन्यजीव दिखाई देने से ग्रामीणों के बीच चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों द्वारा देखे गए वन्यजीव की तस्वीर/दृश्य के आधार पर वह प्रथम दृष्टया बाघ जैसा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक पहचान की अभी पुष्टि नहीं हुई है। संभावना जताई जा रही है कि यह फिशिंग कैट (मछली बिल्ली) भी हो सकती है।घटना की सूचना संबंधित वन विभाग को दे दी गई है। वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर वन्यजीव की पहचान और स्थिति का सत्यापन किए जाने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दिखाई दिया जानवर वास्तव में बाघ है या कोई अन्य वन्यजीव। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि संदिग्ध वन्यजीव के करीब जाने का प्रयास न करें और उसकी तस्वीर या वीडियो बनाने के लिए भी जोखिम न उठाएं। मौके पर भीड़ लगाने अथवा वन्यजीव को घेरने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी जंगली जानवर की पहचान केवल दूर से दिखाई देने वाले आकार या गतिविधि के आधार पर करना उचित नहीं है। फिशिंग कैट भी कई बार अपने आकार, चाल और शरीर की बनावट के कारण अन्य बड़े बिल्ली प्रजाति के वन्यजीवों से भ्रम पैदा कर सकती है। ऐसे में वन विभाग द्वारा मौके पर की जाने वाली जांच महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीणों से यह भी अपील की गई है कि यदि वन्यजीव दोबारा दिखाई देता है तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। किसी भी परिस्थिति में पत्थर मारने, पीछा करने, घेरने या पकड़ने का प्रयास न करें। इससे वन्यजीव के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। फिलहाल वन विभाग की पुष्टि का इंतजार है। ग्रामीणों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सतर्क रहें—सुरक्षित रहें। वन्यजीवों को भी सुरक्षित रहने दें।






