आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार
लौरिया। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद पहाड़ों से निकली नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि का असर अब लौरिया क्षेत्र में दिखने लगा है। बारिश थमने के दो दिन बाद भी सिकरहना नदी के उफान से लौरिया नगर पंचायत के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है। नुनिया टोला, पकड़ी, धाकड़ोली समेत आसपास के इलाकों में जलजमाव से जनजीवन प्रभावित है। ऐतिहासिक अशोक स्तंभ परिसर और साहूजैन फील्ड पानी से घिर गए हैं, जबकि साहूजैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का खेल मैदान पूरी तरह जलमग्न हो गया है।

नगर पंचायत क्षेत्र के समीप सिकरहना नदी में हो रहा कटाव भी ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार कटाव से प्राथमिक विद्यालय और आसपास की बस्ती पर खतरा मंडरा रहा है। खेतों में खड़ी धान की फसल भी पानी में डूबने से प्रभावित हुई है।
सोमवार को लौरिया पहुंचे विधायक विनय बिहारी ने बाढ़ प्रभावितों को राहत और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग उठाई थी। उन्होंने लौरिया-योगापट्टी क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित कर क्षति का सर्वे कराने की मांग भी की थी।

सीओ आशु रंजन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। मौके पर मरिहिया पैक्स अध्यक्ष निहाल सिंह, संजय कुमार, अशोक चौधरी, सुदेश चौधरी, विनोद पंडित, मनोज चौधरी, रामायण चौधरी, इंद्रासन, विपुल सिंह, प्रकाश सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।






