वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकिनगर और नेपाल में विगत चार दिनों से नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्र में लगातार हो रहे बारिश के कारण गंडक नदी उफान पर है।बताते चलें कि इस मानसून सीजन में पहली बार गंडक बराज से लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी से ज्यादा का प्रवाह हुआ है।जो अभी बढ़ने की ओर है।प्राप्त सूचना के अनुसार नेपाल के देवघाट से लगभग 4.5 लाख क्यूसेक पानी आने का सूचना है। वहां भी जल प्रवाह बढ़ते क्रम है।गंडक बराज से भारी मात्र में हुए जल प्रवाह के कारण गंडक नदी के निचले क्षेत्र चकदहवा, कान्ही टोला,रोहुआ टोला,बिन टोली,ठाड़ी सहित वन क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस गया है।जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त हो चला है।इन क्षेत्र के ग्रामीणों को ऊंचे स्थान पर शरण लेना पड़ा है।पानी के तेज प्रवाह के कारण गंडक बराज के सभी 36 फाटकों को एहतियातन खोल दिया गया है।इस बाढ़ के पानी से बिहार सहित उत्तर प्रदेश के सोहगी बरवा,बसही,मारचहवा,शिवपुर सहित कुशीनगर जिले के कई गांव को आंशिक और गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।वहीं बाढ़ का पानी कम होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र सहित वन क्षेत्र का कटाई करता है।वहीं वी टी आर में बारिश का पानी और गंडक नदी में आए बाढ़ का पानी घुसने से वन्य जीव भी प्रभावित हुए हैं।वे ऊंचे स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं।इस बाबत अधीक्षण अभियंता मो0 जिलानी ने बताया कि लगातार हो रहे बारिश से गंडक नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रहा है। एहतियातन सभी 36 गेटों को खोल दिया गया है।सभी कर्मियों को हाइ अलर्ट पर रखा गया है।पानी का पल पल का रिपोर्ट लेते हुए गंडक बराज पर रात दिन कैम्प किया जा रहा है।






