भारत-नेपाल सीमा पर नकली करेंसी के इस्तेमाल को लेकर आयोजित हुई जागरूकता कार्यशाला
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बगहा। भारत-नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए नकली भारतीय मुद्रा के इस्तेमाल और इसकी तस्करी की आशंका के मद्देनजर एसएसबी 21वीं वाहिनी की ओर से अधिकारियों एवं जवानों के लिए विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन सोमवार को वाहिनी मुख्यालय बगहा में कमांडेंट श्री तपेश्वर संबित राउत के निर्देशन में किया गया। कार्यशाला में भारतीय स्टेट बैंक, बगहा-2 शाखा के सहायक प्रबंधक ओम प्रकाश गुप्ता एवं जूनियर एसोसिएट प्रियांक कुमार ने सहभागिता की। इस दौरान एसएसबी के अधिकारियों एवं जवानों को भारतीय मुद्रा के वास्तविक नोटों की पहचान, उनमें मौजूद विभिन्न सुरक्षा फीचर्स, वाटरमार्क तथा नकली नोटों की पहचान के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के दौरान नकली भारतीय मुद्रा के संभावित इस्तेमाल तथा ड्यूटी के दौरान संदिग्ध मुद्रा मिलने पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ऐसी स्थिति में अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया से भी जवानों को अवगत कराया गया।

इस अवसर पर कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा के कारण नकली करेंसी का खतरा हमेशा बना रहता है। राष्ट्रविरोधी तत्व देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नकली मुद्रा का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में सीमा के प्रहरी के रूप में एसएसबी के प्रत्येक जवान का असली और नकली नोट की पहचान में दक्ष होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से सीमा पर आर्थिक अपराधों की रोकथाम में जवानों को मदद मिलेगी। कमांडेंट ने जागरूकता कार्यशाला में सहयोग के लिए भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।






