विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी, बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने शिष्य परंपरा के लोगों के बीच उपस्थित होकर , वृक्षारोपण करते हुए कहा कि -गुरु केवल शब्दों का अर्थ नहीं बताते,वे मौन में छिपे जीवन के सत्य पढ़ाते हैं।जब समय की आँधियाँ दिशाएँ धुंधला देती हैं,तब वे चेतना के क्षितिज पर दीप जलाते हैं।
अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के आलोक तक,भय से साहस तक, संशय से विश्वास तक—गुरु ही वह सेतु हैं,जो एक साधारण मनुष्य को उसकी असाधारण संभावनाओं से परिचित कराते हैं।उनकी डाँट में भी ममता का स्पर्श होता है,उनके अनुशासन में भविष्य का निर्माण होता है। वे स्वयं पीछे रहकर भी शिष्यों के स्वप्नों को शिखर तक पहुँचाते हैं।कलम हाथ में देकर केवल अक्षर नहीं सिखाते,वे व्यक्तित्व में विचार और चरित्र में संस्कार जगाते हैं।उनका ऋण शब्दों से चुकाया नहीं जा सकता है,क्योंकि गुरु जीवन को केवल गढ़ते नहीं—उसे अर्थ प्रदान करते हैं। साथ ही जो स्वयं ज्ञान का दीप बनकर पीढ़ियों के अंधकार को आलोकित करते हैं। आज प्रिय शिष्यों के बीच उपस्थित होकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस अवसर पर संजय द्विवेदी उर्फ पप्पू द्विवेदी, दयाशंकर पाण्डेय टुन्नु पाण्डेय, मुन्ना ओझा, दिनेश गुप्ता,अनवत गोस्वामी, लक्की पाण्डेय, सूर्य प्रताप द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।






