वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
भारत नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज में नेपाल के रोसुवा और त्रिशूली में विगत महीने आए जल प्रलय में पानी के तेज बहाव में सैकड़ो लोग लापता हो गए थे। नेपाल के कई गांव और शहर इस जल प्रलय में विलीन हो गया था। हजारों लोग इस सैलाब में लापता हो गए थे। नेपाल सहित भारतीय क्षेत्र में लगभग सैकड़ो लोगों के मृत शरीर को रेस्क्यू किया गया है। लेकिन जल प्रलय में लापता लोगों के शवों का रिस्क करने का सिलसिला अभी लगातार जारी है। सोमवार की सुबह गंडक बराज के चार नंबर फाटक से जल प्रलय में विलुप्त हुए शव को नेपाल पुलिस व एपीएफ द्वारा बरामद किया गया है। हालांकि नेपाल पुलिस शव के पहचान से इनकार कर दिया। त्रिवेणी चौकी इंचार्ज एसके पाल ने बताया कि तिब्बत चीन बॉर्डर से, बांध टूटने के दौरान जल प्रलय आने से जो लोग लापता हुए हैं, उन्हीं में से किसी एक का यह शव है। दो और शव को त्रिवेणी से 2 किलोमीटर उत्तर और पूरब दिशा में रेस्क्यू किया गया है। मृत शरीर को जिला अस्पताल अंत्य परीक्षण तथा पहचान के लिए भेजा जा रहा है।

प्रत्येक जिले के अस्पताल में परिजन उपस्थित हैं। पहचान होने पर नेपाल जिला पुलिस द्वारा शवों को परिजन को सौंपा जाएगा।नेपाल में तबाही आने के बाद नेपाल सरकार व नेपाल पुलिस प्रशासन द्वारा लापता लोगों के शरीर को रेस्क्यू करने के उद्देश्य से गंडक नदी के किनारे नेपाल पुलिस, एपीएफ और नेपाल सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों को गंडक नदी के किनारे विशेष चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए नेपाल पुलिस पीएफ के जवान लगातार गंडक नदी के किनारे पेट्रोलिंग करने में जुटे हुए हैं।






