मेला बहिष्कार का लिया निर्णय, बैठक कर अखाड़ा जुलूस नहीं निकालने का ऐलान
बिहार के मांझागढ़ से सुधीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मांझागढ़ (गोपालगंज) मांझा महावीरी अखाड़ा जुलूस को लेकर युवाओं में प्रशासन की ओर से लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को मांझा बाजार में युवाओं की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी 14 और 15 सितंबर को होने वाले महावीरी अखाड़ा जुलूस का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में युवाओं ने कहा कि महावीरी अखाड़ा वर्षों से पारंपरिक तरीके से आयोजित होता आ रहा है। इसमें ऑर्केस्ट्रा, डीजे, हाथी, वैन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर रोक लगाए जाने से जुलूस का स्वरूप ही बदल जाएगा। युवाओं का कहना था कि यदि जुलूस में सभी प्रमुख आकर्षणों और पारंपरिक व्यवस्थाओं पर प्रतिबंध रहेगा तो फिर जुलूस निकालने का औचित्य क्या रह जाएगा।

युवाओं ने कहा कि सभी चीजों पर प्रतिबंध लगाकर अखाड़ा जुलूस निकालना महज औपचारिकता रह जाएगा और यह किसी मातमी जुलूस की तरह दिखाई देगा। इसी कारण बैठक में इस वर्ष अखाड़ा जुलूस नहीं निकालने तथा मेले का बहिष्कार करने का सामूहिक निर्णय लिया गया।
युवाओं ने प्रशासन से मांग की कि महावीरी अखाड़ा जुलूस की परंपरा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था की जाए तथा आयोजकों और प्रशासन के बीच बातचीत कर समस्या का समाधान निकाला जाए। मौके पर भवानीगंज, लंगटूहाता, सुदा साह के टोला, कर्णपुरा, पुरानी बाजार, बलुआ टोला, नया टोला, बहोरा हाता, वृति टोला अखाडा समिति के सदस्य उपस्थित रहे.






