फर्जी अधिकारी बनकर एल्यूमिनियम कारोबारी से 15 लाख का काम कराने का आरोप, रंगदारी व धमकी देने की भी शिकायत

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रमेश ठाकुर – पश्चिम चंपारण, बिहार
दिनांक:- 07-09-2026

पटना। राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र से एक एल्यूमिनियम कारोबारी से कथित तौर पर ठगी, धमकी और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। मामले में पीड़ित कारोबारी लखेन्दर राय ने पुलिस के वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, अनिसाबाद के पास उनकी एल्यूमिनियम की दुकान है। आरोप है कि बिहटा निवासी इंद्रजीत कुमार ने खुद को कभी डिप्टी कलेक्टर, कभी एसडीएम तो कभी बड़ा अधिकारी बताकर अपने घर में मंदिर निर्माण के नाम पर करीब 15 लाख रुपये का एल्यूमिनियम संबंधी कार्य कराया। लखेन्दर राय का आरोप है कि काम शुरू कराने के दौरान आरोपी ने उनके खाते में फोन-पे के माध्यम से करीब 4 लाख 85 हजार रुपये भेजे। इसके बाद कथित तौर पर झांसा देकर उनसे 2 लाख रुपये नकद वापस ले लिए गए। पूरा काम कराने के बाद जब कारोबारी ने बकाया राशि की मांग की तो आरोपी द्वारा कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का धौंस दिखाया जाने लगा।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से धमकी दी तथा दुकान पर अपने साथियों के साथ पहुंचकर मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद कथित रूप से उससे 5 लाख रुपये रंगदारी की मांग की गई। रकम नहीं देने पर जान से मारने और बर्बाद करने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।मामले में पीड़ित का यह भी आरोप है कि आरोपी ने षड्यंत्र के तहत उसके खिलाफ साइबर फ्रॉड का झूठा मामला दर्ज करा दिया, जिसके कारण उसका बैंक खाता कथित तौर पर फ्रीज हो गया। इसके बाद परेशान कारोबारी ने बिहटा थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामले में बिहटा थाना कांड संख्या 870/26 दर्ज होने की बात कही गई है। पीड़ित के अनुसार, मामले की जांच के दौरान साइबर थाना पटना की पुलिस ने आरोपी इंद्रजीत कुमार को हिरासत में लेकर बिहटा थाना भेजा था। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि बाद में आरोपी प्रभाव और पैसे के बल पर थाना से बाहर आ गया। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पीड़ित कारोबारी ने बिहार के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरीय पुलिस अधीक्षक से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने और धमकाने के आरोपों की पुष्टि होती है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि आम कारोबारी भयमुक्त होकर अपना व्यवसाय कर सकें। हालांकि, आरोपी इंद्रजीत कुमार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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