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तिरुपति शुगर मिल पर साइबर हमला, 100 करोड़ के नुकसान का अनुमान

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मुख्य सर्वर और SAP सिस्टम में सेंधमारी, करोड़ों का गोपनीय डेटा चोरी; चीनी बिक्री, बिलिंग और डिस्पैच का काम ठप

विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार

बगहा। तिरुपति सुगर्स मिल, बगहा में एक बड़े साइबर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने मिल के मुख्य सर्वर और एसएपी (Systems, Applications and Products in Data Processing) सिस्टम में सेंधमारी कर महत्वपूर्ण डेटा चोरी कर लिया। साइबर हमले के बाद मिल की कई महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे प्रबंधन के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस साइबर हमले से कंपनी को करीब 100 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति होने का अनुमान जताया जा रहा है।मामले को लेकर तिरुपति सुगर्स मिल के कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के महाप्रबंधक त्रिपुरारी कुमार ने साइबर थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार, यह साइबर हमला 18 से 20 अगस्त के बीच किया गया। इस दौरान हैकरों ने मिल के सर्वर में सेंधमारी कर करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के गोपनीय डेटा को चोरी कर लिया।

एसएपी सिस्टम क्रैश, कामकाज प्रभावित

साइबर हमले के बाद मिल का एसएपी सिस्टम क्रैश हो गया। इसके कारण चीनी की बिक्री, बिलिंग, स्टॉक प्रबंधन और डिस्पैच समेत कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। डिजिटल सिस्टम पर निर्भर कामकाज बाधित होने से कर्मचारियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।बताया जा रहा है कि मिल के सर्वर में कंपनी के महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, आंतरिक लेखा-जोखा और कारोबार से संबंधित संवेदनशील जानकारी सुरक्षित थी। इसके अलावा हजारों गन्ना किसानों से संबंधित भुगतान और अन्य रिकॉर्ड भी इसी डिजिटल सिस्टम में दर्ज थे। सिस्टम लॉक होने और डेटा के उपलब्ध नहीं होने से किसानों के भुगतान तथा मिल के दैनिक संचालन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

डेटा लौटाने के बदले रकम की मांग की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, साइबर अपराधियों की ओर से चोरी किए गए महत्वपूर्ण डेटा को वापस करने के एवज में मोटी रकम की मांग किए जाने की भी बात सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। साइबर अपराधियों ने मिल के डिजिटल सिस्टम को किस तरीके से निशाना बनाया और कितनी मात्रा में डेटा अपने कब्जे में लिया, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने मामले की तहकीकात कर जांच शुरू की

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से सर्वर और सिस्टम की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर हमला कहां से किया गया, हमलावरों ने किस माध्यम से सिस्टम में प्रवेश किया और चोरी किए गए डेटा का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है। चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक बीएन त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी सॉफ्टवेयर हैक होने के कारण मिल का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन से तत्काल मदद मांगी गई है। फिलहाल मिल प्रबंधन सिस्टम को दोबारा सुरक्षित तरीके से चालू करने और महत्वपूर्ण डेटा को रिकवर करने के प्रयास में जुटा है। इस साइबर हमले ने न केवल मिल की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि हजारों गन्ना किसानों के भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही इस साइबर हमले के वास्तविक नुकसान और इसके पीछे सक्रिय अपराधियों की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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