अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
कृषि विज्ञान केन्द्र, माधोपुर, में ग्रामीण उद्यानिकी कार्य अनुभव (RHWE) कार्यक्रम के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, पिपराकोठी से आए हुए उद्यानिकी संकाय के छात्र-छात्राओं के लिए “पौधों में प्रवर्धन की तकनीक, विधियां एवं उनका महत्व” विषय पर एक दिवसीय प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह द्वारा छात्रों को पौध प्रवर्धन की विभिन्न उन्नत तकनीकों जैसे बीज द्वारा प्रवर्धन, कलम (Cutting), दाब (Layering), कलिकायन (Budding) एवं रोपण (Grafting) की विधियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि प्रवर्धन के दौरान पौधों की प्रजाति के अनुसार उचित समय, तापमान, आर्द्रता एवं रोग-रहित मातृ वृक्ष के चयन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रकार के प्रायोगिक प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक एवं तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि वे भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किसानों को उन्नत उद्यानिकी तकनीकों से अवगत करा सकें, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तैयार कर सकें और उद्यानिकी को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर केन्द्र के कर्मियों में श्री कमलेश कुमार, श्री महतो सहित RHWE कार्यक्रम से जुड़े छात्र विकेश कुमार, हिमांशु, पीयूष, अंकित, प्रमेश एवं अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






