रक्षाबंधन पर लौरिया की सड़कें बनीं जाम का जाल, घंटों फंसे रहे यात्री लोग

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क्षतिग्रस्त डायवर्सन और सड़क किनारे दुकानों ने बिगाड़ी व्यवस्था।

वाहनों के सड़क पर खड़े होने से चारों प्रमुख मार्गों पर लगा लंबा जाम

त्योहार को लेकर पहले से नहीं की गई पर्याप्त यातायात व्यवस्था

आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण, बिहार

लौरिया। रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार को लौरिया में यातायात व्यवस्था की तैयारियों की पोल खुल गई। सुबह करीब नौ बजे से ही शहर के चारों प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थमने लगी। लौरिया-रामनगर, लौरिया-नरकटियागंज, लौरिया-बगहा और बेतिया-लौरिया एनएच-727 पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। स्थिति यह रही कि लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों लग गए। त्योहार के दिन महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत हजारों लोगों को जाम में फंसकर परेशानी झेलनी पड़ी।

जाम का सबसे बड़ा कारण क्षतिग्रस्त डायवर्सन और सड़क के किनारे लगी दुकानें बनीं। डायवर्सन की बदहाल स्थिति के कारण वाहन धीमी गति से निकल रहे थे। दूसरी ओर, सड़क किनारे दुकानें लगाने के कारण आवागमन के लिए उपलब्ध सड़क की चौड़ाई और कम हो गई। दुकानदारों के अलावा ग्राहकों ने भी अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर दिए, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा पार्किंग में बदल गया। वाहनों की आवाजाही के लिए सीमित जगह बचने से जाम लगातार बढ़ता चला गया।

त्योहार पहले से तय था, फिर तैयारी क्यों नहीं?

रक्षाबंधन कोई अचानक आने वाला आयोजन नहीं था। त्योहार के दौरान बाजार में भीड़ और प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ना पहले से अनुमानित था। इसके बावजूद डायवर्सन को दुरुस्त कराने, सड़क किनारे दुकानें व्यवस्थित कराने, अवैध पार्किंग रोकने और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्रभावी तैयारी नजर नहीं आई। प्रशासनिक स्तर पर समय रहते ठोस व्यवस्था की जाती तो लोगों को इस तरह घंटों जाम में नहीं जूझना पड़ता। जाम की सूचना के बाद पुलिसकर्मियों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर यातायात संभालने की कोशिश की और वाहनों को बारी-बारी से निकालने में जुटे रहे। लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।

कई वाहन चालकों को मुख्य सड़क छोड़कर गांव-गली के रास्तों से निकलना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लौरिया में त्योहार आते ही जाम की समस्या सामने आती है, फिर भी इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि सड़क किनारे लगने वाली दुकानों और बेतरतीब पार्किंग पर नियंत्रण के साथ क्षतिग्रस्त डायवर्सन को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए तथा बड़े त्योहारों से पहले यातायात की पूर्व कार्ययोजना तैयार कर उसका सख्ती से पालन कराया जाए।

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