वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलवा घाट परिसर में श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर पर 158वीं नारायणी गंडकी महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। कथा, पूजा, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने नारायणी नदी की विधिवत पूजा-अर्चना कर विश्व शांति, मानव कल्याण और भारत-नेपाल के मधुर संबंधों की कामना की। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा बेलवा घाट परिसर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपमुखिया रवि कुमार गुप्ता, विशिष्ट अतिथि मानवाधिकार के जिला उपाध्यक्ष जहीर अंसारी, संयुक्त सचिव दिनेश कुशवाहा, राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान संगम तट पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर नेपाल में 26 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। आपदा से हुई जन-धन की क्षति पर चिंता जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

महाआरती के दौरान नारायणी और गंडक नदी के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के बीच औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया। मुख्य अतिथि रवि कुमार गुप्ता ने संस्था की ओर से लावारिस दिव्यांगों और मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिए आयोजित किए जा रहे दरिद्र नारायण भोज को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने संस्था को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रवि कुमार गुप्ता, सत्येंद्र कुमार पांडे, जहीर अंसारी, दिनेश कुशवाहा, शिवचंद्र शर्मा, कामेश्वर श्रीवास्तव, डॉ. नंद महतो, निर्माता अरविंद अकेला और गायक रुदल अलबेला समेत अन्य लोगों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। महाप्रसाद की व्यवस्था निर्माता अरविंद अकेला एवं होटल पूर्वा के प्रबंधक चंदन जायसवाल ने की। संचालन सत्येंद्र कुमार पांडे तथा धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी संगीत आनंद ने किया।






