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वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
पर्यटन नगरी वाल्मीकि नगर में सावन की अंतिम सोमवारी पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए वाल्मीकिनगर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।शनिवार शाम से ही कांवरियों और शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रविवार सुबह तक गोल चौक से कालीघाट, टंकी बाजार, गंडक बैराज और त्रिवेणी धाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई।स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार पिछले वर्षों की तुलना में भीड़ काफी अधिक रही।अनुमान के मुताबिक करीब 50 हजार से अधिक शिवभक्त वाल्मीकिनगर पहुंचे।

शनिवार रात बड़ी संख्या में कांवरियों ने विभिन्न स्थानों पर आश्रय लेकर भजन-कीर्तन और शिव आराधना के साथ रतजगा किया।सुबह होते ही श्रद्धालु त्रिवेणी संगम और गंडक नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान कर जल भरने पहुंचने लगे।‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।बारिश और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। स्नान और जल बोझी के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।हालांकि भारी भीड़ के कारण गोल चौक से टंकी बाजार और गंडक बैराज से त्रिवेणी धाम तक यातायात प्रभावित रहा।
पेयजल और शौचालय की कमी से परेशानी
आस्था के इस बड़े आयोजन के बीच मूलभूत सुविधाओं की कमी भी सामने आई.हजारों कांवरियों को पेयजल और शौचालय के लिए भटकना पड़ा। पर्याप्त सामुदायिक शौचालय और यात्री शेड नहीं होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई.श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पर्याप्त पेयजल, शौचालय और यात्री शेड की स्थायी व्यवस्था की मांग की है।






