छठियार की खुशियां मातम में बदलीं गई जब हादसे में पिता समेत गांव के अन्य की मौत हो गई
आशीष पाण्डेय लौरिया पश्चिम चंपारण की रिपोर्ट
लौरिया प्रखंड के बसवरिया पराउटोला पंचायत के बनकटवा स्कूल के समीप शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में छठियार समारोह की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग (एनएच-727) के किनारे आयोजित आर्केस्ट्रा देख रही भीड़ में तेज रफ्तार शाही बस अनियंत्रित होकर जा घुसी। बस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। बताया गया कि बनकटवा निवासी सत्रोहन दुबे के घर नवजात बच्चे का छठियार समारोह आयोजित था। समारोह में शामिल लोगों के मनोरंजन के लिए सड़क किनारे आर्केस्ट्रा कराया जा रहा था। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान शाही बस (बीआर-22पीए-5455) तेज रफ्तार में वहां से गुजर रही थी। अचानक बस अनियंत्रित हुई और सड़क किनारे जुटी भीड़ को रौंदते हुए आर्केस्ट्रा स्थल में जा घुसी। घटना की वास्तविक वजह की पुलिस जांच कर रही है।

हादसे में बहादुर महतो (45), पिता स्व. दुखी महतो और छागुर राम (65), पिता स्व. गंगाराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं संजय महतो (28), पिता नाथू महतो, भोला दुबे (35), पिता हरिंदर दुबे और देवेंद्र दुबे, पिता सत्रोहन दुबे को जीएमसीएच बेतिया ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों में देवेंद्र दुबे की मौत सबसे अधिक हृदयविदारक रही, क्योंकि उन्हीं के परिवार में छठियार का आयोजन चल रहा था। घायलों में नरेश राम (25), श्याम बाबू (22), अजीत शाह (20) और मचान महतो (50) समेत अन्य लोग शामिल हैं। सभी का जीएमसीएच बेतिया में इलाज कराया गया। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी सूचना है।

हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बस में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलते ही यातायात डीएसपी अतनु दत्ता, नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह, सदर एसडीपीओ अजीत कुमार, बीडीओ संजीव कुमार, थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान, मुखिया इं. शैलेश कुमार समेत चार इंस्पेक्टर और सात थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। भारी पुलिस बल ने स्थिति नियंत्रित की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच भेजा। शनिवार को पांचों मृतकों के परिजन मुआवजे की मांग को लेकर शवों को एनएच-727 पर रखकर करीब दो घंटे तक जाम कर प्रदर्शन करने लगे। परिजन तत्काल मुआवजा देने और वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में घोषणा की मांग पर अड़े रहे। जाम के कारण बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। माहौल तनावपूर्ण होने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति संभालने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कराई।

डीएम के ओएसडी सुजीत कुमार ने पांचों पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये के चेक सौंपे। मुआवजे की राशि मिलने के बाद परिजन शांत हुए और शवों को सड़क से हटाकर अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। जाम के दौरान वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार कुशवाहा, डीएम के ओएसडी सुजीत कुमार, एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह, प्रखंड प्रमुख शंभू तिवारी, जन सुराज के जिला महासचिव अजय ठाकुर, बीडीओ संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश पुरी, आरओ राहुल कुमार, आत्मा अध्यक्ष संदीप ठाकुर, मुखिया इंजीनियर शैलेश कुमार समेत अन्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी मौजूद रहे। शव हटने के बाद एनएच-727 पर यातायात सामान्य हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है।






