विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण
विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप, उच्च स्तरीय आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा आवश्यक है ताकि उनका समग्र विकास हो सके। उक्त बातें शिक्षक सुनिल कुमार ने कहा। उन्होंने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद में मॉडल स्कूल शिक्षकों के क्षमता संवर्धन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। आगे कहा कि इसके लिए शिक्षकों को अपने शिक्षण अधिगम रणनीतियों में आवश्यक सुधार करना चाहिए। छात्रों में शिक्षा के साथ – साथ अनुशासन, नैतिक मूल्य आदि आवश्यक है। विद्यालय के साथ अभिभावक का सहयोग भी छात्रों के विकास में सहायक है। मालूम हो कि बिहार सरकार, शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के 551 विद्यालयों को मॉडल स्कूल / सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रुप में चिन्हित कर उनमें सुविधा आदि विकसित किया जा रहा है ताकि वे आदर्श विद्यालय अन्य विद्यालयों के लिए उदाहरण बन सकें।

इन विद्यालयों में विभिन्न विषय के शिक्षकों का मानक संचालन प्रक्रिया, साक्षात्कार आदि माध्यम से आवश्यकता अनुसार विभिन्न विषय के शिक्षकों का चयन, प्रतिनियोजन भी किया गया है। शिक्षक सुनिल कुमार ने दिनांक तीन अगस्त से आठ अगस्त तक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार पटना में आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त किया और बताया कि प्रशिक्षण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के संदर्भ में क्षमता संवर्धन हुआ। प्रशिक्षण उपरांत शिक्षकों को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद बिहार पटना की ओर से प्रमाण – पत्र प्रदान किया गया। शिक्षक सुनिल कुमार ने कहा कि संस्थान के उप निदेशक के हाथों प्रमाण- पत्र मिलना तथा शिक्षण के संदर्भ में उनका मार्गदर्शन हम शिक्षकों के लिए अनुकरणीय, गर्व एवं सम्मान की बात है।






