विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। CoP-D (Community of Practice for Demand) कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के नियमित टीकाकरण एवं एमसीपी (MCP) कार्ड के महत्व के प्रति समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत राज बसवरिया, प्रखंड बगहा-1 में एक भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं, सीएम जीविका दीदियों, CNRP जीविका एवं CoP-D कार्यक्रम की टीम के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बसवरिया से हुआ, जहाँ विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री मंतोष कुमार शारदा ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली पंचायत के विभिन्न वार्डों एवं गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान बच्चों एवं प्रतिभागियों ने टीकाकरण से संबंधित प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को बच्चों के समय पर टीकाकरण, पूर्ण टीकाकरण एवं स्वस्थ भविष्य का संदेश दिया। रैली के समापन अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक श्री मंतोष कुमार शारदा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का समय पर टीकाकरण कराना परिवार एवं समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं तथा मातृ एवं शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड को सुरक्षित रखें, क्योंकि यह बच्चे के स्वास्थ्य एवं टीकाकरण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री जय प्रकाश कुशवाहा, कविता कुमारी, मधुबाला, अरविंद कुमार, राम किशोर, कुमारी कुमकुम, धीरज कुमार, चंदा रानी, सुपुजिता कुमारी, स्वामी नाथ एवं उमेश कुमार ने भी बच्चों एवं अभिभावकों को नियमित टीकाकरण के लाभ एवं MCP कार्ड के महत्व के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में CoP-D कार्यक्रम के सीनियर मैनेजर श्री मनोज कुमार सिंह, उमेश तिवारी, सहायक जिला समन्वयक श्री रामजीत वर्मा, छत्रपति जी, कृपा नारायण तिवारी एवं अमित पाठक जी सहित अन्य टीम सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और समुदाय को शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। इस जनजागरूकता रैली के माध्यम से समुदाय में बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, MCP कार्ड के सुरक्षित रखरखाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि सामुदायिक सहयोग और जनभागीदारी से 100 प्रतिशत नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।






