विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया। जिला सभागार, पश्चिम चंपारण बेतिया में आज विकसित भारत जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जल संसाधन विभाग के अभियंताओं का एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह द्वारा किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बताया गया कि विकसित भारत जी राम जी 1 जुलाई से प्रारंभ किया गया है ,जो मनरेगा का स्थान लिया है। विकसित भारत जी राम जी अधिक पारदर्शी, रोजगारोन्मुख एवं प्रभावी है।जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जल संसाधन विभाग के कन्वर्जन से जल संचयन, जल प्रवाह के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न कठिनाइयों के निवारण में सहायक योजनाएं ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग द्वारा इस प्रकार की योजनाएं ली जाए जो जल प्रवाह के सुनिश्चितकरण के साथ-साथ भूजल स्तर वृद्धि में भी सहायक हो। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो, बाढ़ एवं जल जमाव की समस्या से निवारण सुनिश्चित हो सके। इसके साथ-साथ गन्ना आच्छादित क्षेत्र से जल निस्सरण का प्रबंध हो सके।

उन्होंने सभी अभियंताओं को सख्त निर्देश दिया कि जो भी योजनाएं ली जाए उसे इस रूप में क्रियान्वित की जानी चाहिए ताकि जनोपयोगी हो एवं मानक के अनुकूल हो जल प्रवाह अविरल रूप से हो सके किसानों को सिंचाई में उपयोगी हो सके। उन्होंने कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजना का चयन जानोपयोगी एवं बहुआयामी होना चाहिए। इसको ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम श्री पुरुषोत्तम त्रिवेदी द्वारा बताया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा पश्चिम चंपारण जिले में बेहतर कार्य किया जा रहा है ।अबतक कुल 143 योजनाएं इस सीजन में प्रारंभ की गई है आगे आने वाले समय में लगभग 500 और योजनाएं ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा ली गई योजनाएं क्रियान्वित होने पर पश्चिम चंपारण में जल जमाव एवं बाढ़ की समस्या के निवारण में काफी सहूलियतें होगी। इसके साथ-साथ किसानों के खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, कार्यपालक अभियंता श्री विद्यानंद सरस्वती ,मुख्य प्रशिक्षक के रूप में सत्येंद्र कुमार कार्यक्रम पदाधिकारी चनपटिया, जल संसाधन विभाग की ओर से नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्यपालक अभियंता तिरहुत नहर प्रमंडल बेतिया टू, सभी प्रमंडलों के सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।






