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14 लाख की लागत से बना नाला पहली बारिश में टूटा, गुणवत्ता पर उठे सवाल

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मामला पश्चिम चंपारण के बेलसंडी पंचायत का है

रमेश ठाकुर – गौनाहा पश्चिम चंपारण
दिनांक:- 21-07-2026

गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-13 स्थित अहरार गांव में करीब 600 फीट लंबे नव-निर्मित नाले के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 14 लाख रुपये की सरकारी लागत से निर्मित यह नाला पहली ही हल्की बारिश की मार भी नहीं झेल सका और इसका करीब 100 फीट हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूटने लगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस विकास कार्य से गांव की जलनिकासी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद थी, वही कार्य निर्माण के कुछ ही दिनों बाद अपनी बदहाल स्थिति बयां करने लगा। इससे सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों एवं उप मुखिया छोटे खां ने बताया कि यह नाला सुकदेव राम के घर से दिनेश राम के घर तक बनाया गया है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य का भुगतान करीब एक सप्ताह पूर्व ही किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में नाले का पूर्वी हिस्सा टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीण भिखारी खां, बलिराम राम, सुरेन्द्र राम समेत अन्य लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई। उनका कहना है कि निर्माण में स्थानीय नदी की बालू, निम्न गुणवत्ता की ईंट तथा मानक के अनुरूप सीमेंट एवं अन्य निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण नाला थोड़ी सी बारिश का दबाव भी नहीं सह पाया। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया था, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी विकास योजना के आरंभ से पहले सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य होता है, ताकि आम लोगों को योजना की लागत, अवधि एवं कार्य एजेंसी की जानकारी मिल सके। ग्रामीणों का आरोप है कि इस नियम की अनदेखी कर पारदर्शिता को खत्म करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही नाला निर्माण एवं सफाई कार्य में मजदूरों के स्थान पर जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया, जबकि सरकारी अभिलेखों में मजदूरों के नाम पर भुगतान किए जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव नंदलाल कुमार यादव, मुखिया शंभू राउत तथा तकनीकी सहायक बिद्यानंद रवि पर मिलीभगत कर निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वर्तमान में नाले के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के दौरान भी गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है और पहले जैसी ही लापरवाही बरती जा रही है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

मामले को गंभीरता से लेते हुए बीस सूत्री अध्यक्ष कामेक्षा सिंह एवं उपाध्यक्ष विक्रमा चौधरी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से लिखित शिकायत कर नाला निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता एवं सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ ने बताया कि नाला निर्माण में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।मौके पर मुखिया शंभू राउत, उप मुखिया छोटे खां, भिखारी खां, बलिराम राम, सुरेन्द्र राम, मारूफ मियां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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