बाल्मीकि नगर से नन्दलाल पटेल की रिपोर्ट
वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण), थाना क्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ अनुमंडल प्रशासन एवं वन विभाग के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हाल के दिनों में वन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि क्षेत्र के अधिकांश लोग वर्षों से कृषि, पशुपालन और मजदूरी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। लेकिन वन विभाग की सख्ती के कारण अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के ही कार्रवाई की जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए और वन विभाग की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की कार्रवाई करनी हो तो पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया जाए, ताकि अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो क्षेत्र के लोग लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने और क्षेत्र के लोगों के अधिकारों तथा उनकी आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। ज्ञापन पर कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, जिससे इस मुद्दे पर व्यापक असंतोष का संकेत मिल रहा है।






