थरूहट विकास योजनाओं के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर।
विकास योजनाओं की प्रगति एवं नई योजनाओं पर हुई चर्चा।
विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
बेतिया जिले के समेकित थरूहट विकास अभिकरण, पश्चिम चम्पारण, बेतिया की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आज जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में थरूहट क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास, संचालित योजनाओं की प्रगति, वित्तीय व्यय तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई विकास योजनाओं पर विस्तृत समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया।बैठक की कार्यवाही प्रारंभ होने से भारतीय थारू कल्याण महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सह अंतरराष्ट्रीय महासभा अध्यक्ष स्वर्गीय श्री दीपनारायण प्रसाद के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। बैठक में परियोजना पदाधिकारी, समेकित थरूहट विकास अभिकरण श्री अहमद अली अंसारी ने योजनाओं की प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 से लेकर 2026-27 तक कुल 17,924.23 लाख रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। इस राशि से कुल 357 विकास योजनाओं का चयन किया गया, जिनमें से 289 योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं। अब तक 73.13 प्रतिशत राशि का व्यय किया जा चुका है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का विस्तृत ब्यौरा भी प्रस्तुत किया।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जनप्रतिनिधियों ने सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सामुदायिक भवन, पर्यटन एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर प्रशासन द्वारा गंभीरता से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री तरनजोत सिंह ने कहा कि थरूहट क्षेत्र पश्चिम चम्पारण की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र का संतुलित और समावेशी विकास जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं, जनप्रतिनिधियों के सुझावों तथा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे और थरूहट क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सके।

जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्यपालक अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत योजनाओं का वर्क ऑर्डर समय पर निर्गत किया जाए तथा निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराए जाएं। उन्होंने सभी अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, स्थलीय निरीक्षण तथा प्रगति की सतत समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में जिला पदाधिकारी ने समिति के सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान के उद्देश्य से समेकित थरूहट विकास अभिकरण प्रबंधकारिणी समिति का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर जोड़कर योजनाओं की प्रगति, बैठकों की सूचना एवं अन्य आवश्यक जानकारियां तत्काल साझा की जाएं, जिससे निर्णयों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में उपस्थित माननीय सांसद एवं विधायकगण ने कहा कि थरूहट क्षेत्र के विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी समन्वय एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र के लोगों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अधिकाधिक विकास योजनाओं को स्वीकृति देने तथा लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा कराने का भी आग्रह किया। बैठक में माननीय सांसद श्री सुनील कुमार, माननीय विधायक श्री श्रीराम सिंह, माननीय विधायक श्री सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, माननीय विधायक श्री समृद्ध वर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष श्री निर्भय कुमार महतो सहित प्रबंधकारिणी समिति के अन्य माननीय सदस्य, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।






