विजय कुमार शर्मा बगहा पश्चिम चंपारण, बिहार
मधुबनी, पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने महावीर इंटरप्राइजेज संस्थान में आयोजित नवचंडी महायज्ञ में भाग लेते हुए कहा कि – सभी मनुष्यों की शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति हो । सभी मनुष्य प्रीतिपूर्वक, धर्मानुसार, यथायोग्य (योग्यता के अनुसार) व्यवहार करे ।
मानव समाज में अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि हो, सभी ज्ञानवान बने । क्योंकि अज्ञानता ही समस्त दुखों की जननी है । प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट नहीं रहना चाहिए । बल्कि सबकी उन्नति में अपनी उन्नति समझनी चाहिए । जिससे कि समस्त परिवार, समाज व विश्व का कल्याण हो । सभी मनुष्य सामाजिक, सर्वहितकारी नियमों के पालन में परतंत्र (बंधे हुए) रहें और प्रत्येक हितकारी नियम में सब स्वतंत्र रहें ।

धर्म का मुख्य उद्देश्य मानव को सुख प्रदान करना है । धर्म मानव को महामानव बनाता हुआ, परम आनन्द मोक्ष तक पहुँचाता है ।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य पंडित रमाशंकर तिवारी, जलेश्वर तिवारी,मनंजय तिवारी,सोनू तिवारी, अजित तिवारी, आकाश मिश्र गौतम शर्मा, दीपक चौबे,मीत पाठक, विमल शर्मा, आशुतोष पाठक, पंडित धीरज दूवे, भरत महाराज,दर्शन दूवे एवं यज्ञाचार्य पंडित अखिलेश पाण्डेय सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






