मंत्रोच्चारणऔर धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित समारोह में आश्रम विकास के समिति के पदाधिकारीयो ,स्थानीय श्रद्धालुओं तथा धर्म प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही
वाल्मीकि नगर से नंदलाल पटेल की रिपोर्ट
महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि के वाल्मीकि आश्रम परिसर में गुरुवार को भगवान श्रीराम के पुत्र लव और कुश की प्रतिमाओं का विधिवत अनावरण किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित समारोह में आश्रम विकास समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय श्रद्धालुओं तथा धर्मप्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
समारोह में राम अवतार कुशवाहा, कृष्ण प्रपन्नाचार्य, भूपेंद्र भुसाल, डैनी टेक बहादुर, गोपाल पाठक, विमल थापा, प्रकाश दहल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने लव-कुश की प्रतिमाओं के अनावरण को श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायी और ऐतिहासिक क्षण बताया।बताया जाता है कि वाल्मीकि आश्रम का संबंध रामायण काल से जुड़ा हुआ है।

मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि ने इसी पवित्र स्थल पर रामायण की रचना की थी। वनवास के दौरान माता सीता ने यहीं आश्रय लिया था तथा लव और कुश का जन्म भी इसी आश्रम में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता का पृथ्वी में समावेश (पाताल प्रवेश) भी इसी क्षेत्र से जुड़ा माना जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि लव-कुश की प्रतिमाओं की स्थापना से आश्रम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामायण कालीन इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह स्थल धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करेगा।






