ग्रामीणों और राहगीरों ने क्षेत्रीय सांसद विधायक और जनप्रतिनिधियों पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप।
अनिल कुमार शर्मा मझौलिया पश्चिम चंपारण।
करमवा पुल के ध्वस्त होने के बाद माधोपुर पंचायत स्थित लोहिया पुल भी ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गया है। लगभग 23 वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद रघुनाथ झा और विधायक बीरबल यादव के प्रयासों से लगभग 40 लाख रुपए लागत से बना माधोपुर और रुलही पंचायत को जोड़ने वाला लोहिया पुल आज अत्यंत जर्जर दयनीय स्थिति में पहुंच गया है और किसी बड़े खतरे को दावत देता नजर आ रहा है। राहगीरों और ग्रामीणों का कहना है कि इस लोहिया पुल पर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। छोटे बड़े वाहन आवाजाही तो करते हैं लेकिन जान जोखिम में डालकर।

मुखिया प्रत्याशी जितेंद्र चौधरी पूर्व सरपंच शशि भूषण प्रसाद राजद पंचायत अध्यक्ष रहमान मियां ओम प्रकाश चौधरी ओम प्रकाश सहनी विनोद साहनी सत्यदेव चौधरी अनूप चौधरी मदन चौधरी रामायण यादव जवाहर शाह प्रदीप कुमार रूपक लाल नौशाद आलम राजदेव ठाकुर रामभरोस ठाकुर राजेश्वर ठाकुर संपत अली आदि ग्रामीणों ने बताया कि सिर्फ चुनाव के समय ही सांसद विधायक और जनप्रतिनिधि वोट मांगने आते हैं। जीत जाने के बाद उनके विकास संबंधी सारे वादे खोखले साबित होते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन सांसद विधायक स्थानीय जन प्रतिनिधियों का ध्यान लोहिया पुल की तरफ आकृष्ट करते हुए अभिलंब निर्माण कराने की मांग की है।

बताते चले की माधोपुर रुलही राजा भार करमवा आदि पंचायतों सहित पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली और हरसिद्धि को जोड़ने वाला लोहिया पुल विभाग की उदासीनता सांसद विधायक जनप्रतिनिधियों की वादा खिलाफी के कारण जर्जर और दयनीय स्थिति में पहुंच गया है। भारी और बड़े वाहनों का परिचालन ठप हो गया है। जर्जर और दयनीय पुल किसी बड़े खतरे को दावत दे रहा है।
अगर अभिलंब इसकी मरम्मत या नवनिर्माण नहीं कराया गया तो यह लोहिया पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है।






